अपवाह: NCERT कक्षा 9, अध्याय 3 - आसान नोट्स 💧
Table of Contents
1. अपवाह का अर्थ 🌊
- परिभाषा: एक क्षेत्र का नदी तंत्र, छोटी धाराएँ मिलकर मुख्य नदी बनाती हैं. 🏞️
- अपवाह द्रोणी: नदी तंत्र द्वारा जल प्रवाहित क्षेत्र. 📍
- जल विभाजक: ऊँची भूमि (पर्वत/उच्चभूमि) जो दो द्रोणियों को अलग करती है. 🏔️
- जानकारी: विश्व की सबसे बड़ी अपवाह द्रोणी - अमेज़न. 🌏
2. भारत में अपवाह तंत्र 🗺️
- नियंत्रण: भौगोलिक आकृतियों (हिमालय, प्रायद्वीप) द्वारा. 🌄
प्रकार:
हिमालय की नदियाँ (बारहमासी). 💧- प्रायद्वीपीय नदियाँ (मौसमी). 🌧️
3. हिमालय की नदियाँ 🏔️
- विशेषता: बारहमासी, हिम पिघलने और वर्षा से जल. ❄️🌧️
- प्रमुख नदियाँ: सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र. 🌊
अपवाह प्रतिरूप: ढाल, जलवायु, शैल संरचना पर आधारित. 📏
द्रुमाकृतिक (वृक्ष जैसा). 🌳- जालीनुमा (समकोण). 🕸️
- आयताकार (संधियाँ). 📐
- अरीय (केंद्रीय शिखर). ⛰️
4. सिंधु नदी तंत्र 🌌
- उद्गम: तिब्बत, मानसरोवर झील. 🏞️
- मार्ग: लद्दाख (गॉर्ज), बलूचिस्तान, अटक, कराची (अरब सागर). 🌊
- सहायक: जास्कर, श्योक, सतलुज, ब्यास, रावी, चेनाब, झेलम. 🌱
- विशेषता: 2,900 किमी लंबी, 1/3 भारत (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब). 📏
- जानकारी: सिंधु जल समझौता (1960) - भारत 20% जल उपयोग (सिंचाई). 💧
5. गंगा नदी तंत्र 🌾
- उद्गम: भागीरथी (गंगोत्री), अलकनंदा (देवप्रयाग). 🏔️
- मार्ग: हरिद्वार (मैदान), इलाहाबाद, फरक्का, बंगाल की खाड़ी. 🌊
- सहायक: यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी (हिमालय), चंबल, बेतवा, सोन (प्रायद्वीप). 🌱
- विशेषता: 2,500 किमी लंबी, जल विभाजक (अंबाला), ढाल 300 मी (1,800 किमी). 📏
- डेल्टा: सुंदरवन (सबसे बड़ा, सुंदरी पेड़, रॉयल बंगाल टाइगर). 🐅
- जानकारी: नमामि गंगे - प्रदूषण कम, संरक्षण (http://nmcg.nic.in). 🌱
6. ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र 🏞️
- उद्गम: तिब्बत, मानसरोवर के पास. 🏔️
- मार्ग: पूर्व (तिब्बत), यू-आकार मोड़ (नामचा बारवा), अरुणाचल (दिहांग), असम. 🌊
- सहायक: दिबांग, लोहित, केनुला. 🌱
- विशेषता: लंबी (सिंधु से अधिक), गुफित नदी, माजोली (विश्व का सबसे बड़ा नदीय द्वीप). 🏝️
- जानकारी: तिब्बत (सांगपो), बांग्लादेश (जमुना), बाढ़/सिल्ट समस्या. 💧
7. प्रायद्वीपीय नदियाँ 🌴
- विशेषता: मौसमी, पश्चिमी घाट जल विभाजक, छोटी द्रोणियाँ. 🌧️
- प्रमुख नदियाँ: नर्मदा, तापी (पश्चिम), महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी (पूर्व). 🌊
- अपरदन: ऊपरी भाग (सिल्ट), मध्य/निचला (विसर्प, गोखुर, डेल्टा). 🌱
8. नर्मदा द्रोणी 🏞️
- उद्गम: मध्य प्रदेश, अमरकंटक. 🏔️
- मार्ग: चंबल घाटी, धुँआधार प्रपात, अरब सागर (ज्वारनदमुख). 🌊
- विशेषता: छोटी सहायक, मध्य प्रदेश-गुजरात. 📏
- जानकारी: नमामि देवि नर्मदे - संरक्षण योजना. 🌱
9. तापी द्रोणी 🌾
- उद्गम: मध्य प्रदेश, सतपुड़ा. 🏔️
- मार्ग: भ्रंश घाटी, अरब सागर. 🌊
- विशेषता: छोटी लंबाई, मध्य प्रदेश-गुजरात-महाराष्ट्र. 📏
10. गोदावरी द्रोणी 🌊
- उद्गम: महाराष्ट्र, नासिक. 🏔️
- मार्ग: 1,500 किमी, बंगाल की खाड़ी. 🌊
- विशेषता: सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय द्रोणी, दक्षिण गंगा, सहायक (पूर्णा, वर्धा). 🌱
- क्षेत्र: महाराष्ट्र (50%), मध्य प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश. 🗺️
11. महानदी द्रोणी 🌴
- उद्गम: छत्तीसगढ़. 🏔️
- मार्ग: 860 किमी, ओडिशा, बंगाल की खाड़ी. 🌊
- क्षेत्र: महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा. 🗺️
12. कृष्णा द्रोणी 🌧️
- उद्गम: महाराष्ट्र, महाबालेश्वर. 🏔️
- मार्ग: 1,400 किमी, बंगाल की खाड़ी. 🌊
- सहायक: तुंगभद्रा, कोयना. 🌱
- क्षेत्र: महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश. 🗺️
13. कावेरी द्रोणी 🌱
- उद्गम: कर्नाटक, ब्रह्मगिरी. 🏔️
- मार्ग: 760 किमी, तमिलनाडु, बंगाल की खाड़ी. 🌊
- सहायक: अमरावती, भवानी. 🌱
- क्षेत्र: तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक. 🗺️
- जानकारी: शिवसमुंद्रम (दूसरा बड़ा प्रपात), जलविद्युत (मैसूर, बेंगलुरु). 💡
14. अन्य नदियाँ और झीलें 💦
- छोटी नदियाँ: दामोदर, ब्रह्मणी, वैतरणी, सुवर्णरेखा (पूर्व). 🌊
झीलें:
मीठे पानी (डल, नैनीताल, वुलर - सबसे बड़ी). 🏞️- खारे पानी (सांभर - नमक उत्पादन). 🧂
- मानव निर्मित (भाखड़ा - गुरु गोबिंद सागर). 🚦
- विशेषता: बाढ़ नियंत्रण, जलविद्युत, पर्यटन. 🌟
15. नदियों का महत्व 🌍
- इतिहास: प्राचीन सभ्यताओं का आधार, अब शहर. 🏙️
- आर्थिक: सिंचाई, नौसंचालन, जलविद्युत. 💧⚡🚢
- संरक्षण: एनआरसीपी (1985, गंगा एक्शन प्लान), प्रदूषण कम करना. 🌱
- चुनौती: प्रदूषण (औद्योगिक, शहरी), स्वच्छता प्रभाव. ⚠️
संशोधन टिप्स 📝✨
- मानचित्र: नदियाँ, द्रोणियाँ, जल विभाजक चिह्नित करें. 🗺️
- हाइलाइट: हिमालय नदियाँ (नीला), प्रायद्वीप नदियाँ (हरा). 🎨
- प्रश्न: "नदियों का आर्थिक महत्व" पर चर्चा. 💬
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